ऑपरेशन सिंदूर – भारत की निर्णायक कार्रवाई
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले में 26 बेगुनाह हिंदू पर्यटकों की नृशंस हत्या के बाद भारत ने तत्काल, करारा और निर्णायक जवाब देने का ऐलान किया।
7 मई को भारतीय वायुसेना ने “ऑपरेशन सिंदूर” चलाया जिसमें राफेल विमानों से SCALP और हैमर मिसाइलों का उपयोग किया गया।

पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई – ऑपरेशन बुनियान उल मर्सूस
पाकिस्तान ने जवाब में “ऑपरेशन बुनियान उल मर्सूस” चलाकर भारत के जम्मू, अमृतसर व पठानकोट में 25 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया।
इस दौरान फतेह मिसाइलों और कामिकाजे ड्रोन का उपयोग किया गया।
सिंधु जल संधि का निलंबन – पानी बना हथियार
भारत ने 23 अप्रैल 2025 को एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए सिंधु जल संधि को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया, जिससे पाकिस्तान को मिलने वाली लगभग 90% जल आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित हुई। यह निर्णय भारत की ओर से एक कूटनीतिक दबाव बनाने की रणनीति थी, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान द्वारा निरंतर सीमा पार आतंकवाद और ड्रोन घुसपैठ की घटनाओं पर कड़ा संदेश देना था। सिंधु जल संधि, जो 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता में बनी थी, अब तक दोनों देशों के बीच एकमात्र स्थायी समझौतों में से एक रही है। लेकिन हालिया घटनाओं और पाकिस्तान के अड़ियल रवैये के चलते भारत ने यह कदम उठाया, जिसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक साहसी और निर्णायक नीति परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है।

ड्रोन युद्ध – पहली बार आमने-सामने
8 मई को भारत-पाकिस्तान के बीच इतिहास का पहला ड्रोन युद्ध लड़ा गया।
भारत ने SEAD ऑपरेशन चलाकर पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली को नष्ट किया जबकि पाकिस्तान ने भी दो भारतीय ड्रोन मार गिराने का दावा किया।
निष्कर्ष – अब क्या होगा आगे?
भारत और पाकिस्तान के बीच यह अत्यधिक संवेदनशील स्थिति क्षेत्रीय शांति को गंभीर खतरे में डाल रही है।
दुनिया की नजरें इस तनावपूर्ण टकराव पर टिकी हैं। अब कूटनीति, सूझबूझ और अंतर्राष्ट्रीय हस्तक्षेप ही समाधान का मार्ग दिखा सकते हैं।