लगातार बढ़ता तापमान बना परेशानी की वजह
पिछले कुछ दिनों से बिहार में गर्मी का प्रकोप तेज़ी से बढ़ रहा है, जिससे आम लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से प्रभावित हो रही है।
एक ओर, पटना, गया और भागलपुर जैसे शहरों में तापमान ने 45 डिग्री सेल्सियस का आंकड़ा पार कर लिया है, तो दूसरी ओर, ग्रामीण इलाकों में भी हालात कम चिंताजनक नहीं हैं।
दरअसल, यह तापमान सामान्य से कहीं अधिक है, जो आमतौर पर मई के अंत तक ही देखने को मिलता है।
इसी वजह से, राज्य सरकार को तत्काल कदम उठाने पड़े हैं।
इस निर्णय के तहत, सभी स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
साथ ही, सरकारी कार्यालयों के समय में भी कटौती की गई है, जिससे कर्मचारियों को लू से बचाया जा सके।
उल्लेखनीय है कि, मौसम विभाग पहले ही अप्रैल और मई में भीषण गर्मी की चेतावनी जारी कर चुका था।
इसके अतिरिक्त, विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण अब ऐसे मौसमी उतार-चढ़ाव सामान्य हो गए हैं।
हालाँकि, कुछ क्षेत्रों में हल्की हवाएं राहत देने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन फिर भी, गर्मी की तीव्रता में कोई खास कमी नहीं आई है।
इस स्थिति को देखते हुए, प्रशासन ने नागरिकों से दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक घर के अंदर रहने की अपील की है।
यदि बहुत जरूरी हो, तो बाहर निकलते समय पानी की बोतल, छाता और सिर ढकने के साधन अवश्य साथ रखें।
अंत में कहा जाए तो, सतर्कता और जागरूकता ही इस भीषण गर्मी से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।
प्रशासन ने जारी किया हीटवेव अलर्ट
जैसे-जैसे तापमान बढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे सरकारी एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं।
इस वजह से, बिहार सरकार ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।
इसके अलावा, लोगों से अपील की गई है कि वे दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक घर से बाहर न निकलें।
नागरिकों को दी गई आवश्यक सलाह
लू से बचने के लिए लोगों को कई जरूरी सुझाव दिए गए हैं:
- अधिक मात्रा में पानी पीएं।
- हल्के कपड़े पहनें और छायादार स्थानों में रहें।
- बाहर निकलते समय सिर और चेहरे को ढकें।
- इस तरह की सावधानियों का पालन करने से, लू से होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है।

अस्पतालों में बढ़ रही गर्मी से जुड़ी बीमारियां
गया और पटना के अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, लू और सिरदर्द जैसी शिकायतों के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
इसके अलावा, बुजुर्ग और बच्चे विशेष रूप से इस मौसम से प्रभावित हो रहे हैं।
यही कारण है कि स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को विशेष टीम तैनात करने का आदेश दिया है।